3 महीने में 155 केस निपटाए: दिल्ली के हेड कॉन्स्टेबल संजय वशिष्ठ बने ‘बेस्ट इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर’

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नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट में तैनात हेड कॉन्स्टेबल संजय वशिष्ठ ने महज तीन महीनों में 155 मामलों का निपटारा कर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि के चलते उन्हें “बेस्ट इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर” घोषित किया गया है।

यह सम्मान जनवरी से मार्च 2026 की अवधि के प्रदर्शन के आधार पर आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में दिया गया। इस दौरान हरेश्वर स्वामी, IPS, डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP), आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट, द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया।

हेड कॉन्स्टेबल संजय वशिष्ठ (2414/OND), जो कि समयपुर बादली थाना क्षेत्र से जुड़े हैं, ने अपने उत्कृष्ट कार्य से सभी पुलिस स्टेशनों के जांच अधिकारियों को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने बड़ी संख्या में लंबित मामलों को तेजी से निपटाते हुए न्याय प्रक्रिया को गति दी।

समीक्षा बैठक में विभिन्न थानों के कई अधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें PS बावाना से SI सुमित और SI कृष्ण, PS शाहबाद डेयरी से ASI इंदर और HC सतीश, PS नरेला से HC रविंदर और HC सोमबीर, PS NIA से HC पिपलाद और HC उपेंद्र, PS अलीपुर से HC आशीष और HC प्रीतम, PS समयपुर बादली से HC करमजीत और HC संजय वशिष्ठ, PS स्वरूप नगर से HC संदीप और शैतान, तथा PS भलस्वा डेयरी से ASI नरेंद्र और HC टीनू शामिल थे। इन सभी के बीच HC संजय वशिष्ठ को सर्वश्रेष्ठ जांच अधिकारी चुना गया।

3 महीने में 155 केस निपटाए: दिल्ली के हेड कॉन्स्टेबल संजय वशिष्ठ बने ‘बेस्ट इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर’
दिल्ली पुलिस ने उत्कृष्ट प्रदर्शन को किया सम्मानित: हेड कॉन्स्टेबल संजय वशिष्ठ ने 3 महीनों में 155 मामलों का निपटारा कर बनाया रिकॉर्ड; इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह झाखर बने बेस्ट SHO और एसीपी राकेश कुमार को सर्वश्रेष्ठ सब-डिवीजन के लिए सम्मान।

इसके अलावा, इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह झाखर को सबसे अधिक मामलों के निपटारे के लिए “बेस्ट SHO” घोषित किया गया, जबकि एसीपी राकेश कुमार (सब-डिवीजन समयपुर बादली) को सर्वश्रेष्ठ सब-डिवीजन के लिए सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर डीसीपी हरेश्वर स्वामी ने कहा, “जांच की गति और निष्पक्षता ही जनता के विश्वास की नींव है। हेड कॉन्स्टेबल संजय वशिष्ठ द्वारा एक तिमाही में 155 मामलों का निपटारा पूरे विभाग के लिए एक मिसाल है। उनका समर्पण हमारे पुलिसिंग मानकों को दर्शाता है।”

इस बैठक में बावाना, नरेला, समयपुर बादली और स्वरूप नगर सब-डिवीजनों के जांच अधिकारी, एसएचओ, इंस्पेक्टर और एसीपी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य मामलों के निपटारे की दर का मूल्यांकन और जांच प्रक्रिया को और प्रभावी बनाना था।

यह उपलब्धि आउटर नॉर्थ जिला पुलिस की प्रोफेशनल कार्यशैली, तेज जांच और जनता की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह (आईपीएस) के नेतृत्व में यह जिला लगातार बेहतर जांच और कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में कार्य कर रहा है।

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