नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर जारी मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन पर निशाना साधा है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि AAP का हर कार्यकर्ता और नेता अरविंद केजरीवाल का सिपाही है और उसे निडर होकर जनता के मुद्दे उठाने चाहिए। उन्होंने कहा, “हमने हमेशा यही सीखा है कि जो डर गया, समझो मर गया। सरकार की आंख में आंख डालकर सवाल पूछना ही हमारी राजनीति का आधार है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी नेता सरकार के खिलाफ गंभीर मुद्दे उठाता है, उसे सोशल मीडिया पर बैन किया जा रहा है, उसके खिलाफ FIR दर्ज हो रही है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इसके साथ ही भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर सीधे सवाल उठाते हुए कहा कि संसद में सीमित समय मिलता है, ऐसे में बड़े राष्ट्रीय मुद्दों को उठाना जरूरी है, न कि “सॉफ्ट मुद्दों” पर चर्चा करना।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चड्ढा ने कई महत्वपूर्ण मौकों पर विपक्ष के साथ खड़े होने से परहेज किया, जैसे कि वॉकआउट या सरकार के खिलाफ जवाबदेही तय करने के प्रयास।
भारद्वाज ने कहा कि पंजाब और गुजरात जैसे राज्यों से जुड़े मुद्दों पर भी चड्ढा की सक्रियता नजर नहीं आई। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब पार्टी के कई नेता कानूनी मामलों में घिरे थे और अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई थी, तब भी चड्ढा सक्रिय रूप से सामने नहीं आए।
उन्होंने चड्ढा से आत्ममंथन करने की अपील करते हुए कहा कि विपक्ष के नेताओं को साहस और स्पष्टता के साथ सरकार के खिलाफ मुद्दे उठाने चाहिए।
यह बयान AAP के भीतर बढ़ते मतभेदों और राजनीतिक रणनीति को लेकर चल रही खींचतान को दर्शाता है।

