नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की WR-2 यूनिट ने एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो बैंक कर्मचारी के रूप में कार्यरत था और ठगी गिरोह को सहयोग दे रहा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बिना उचित केवाईसी (KYC) प्रक्रिया के कई बैंक खाते खुलवाए। इन खातों का इस्तेमाल करोड़ों रुपये की ठगी की रकम को ट्रांसफर और छिपाने के लिए किया जा रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी टेलीग्राम आधारित जॉब स्कैम नेटवर्क से जुड़ा हुआ था, जहां लोगों को फर्जी नौकरी का लालच देकर ठगी की जाती थी। इसके बाद ठगी की रकम को इन खातों के जरिए अलग-अलग जगहों पर ट्रांसफर किया जाता था, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की भूमिका इस साइबर ठगी नेटवर्क में बेहद अहम थी, क्योंकि वह अवैध पैसों के लेनदेन के लिए बैंकिंग सिस्टम उपलब्ध करवा रहा था।
यह कार्रवाई इंस्पेक्टर सतीश मलिक के नेतृत्व में, एसीपी राजपाल डाबस के मार्गदर्शन और हर्ष इंदोरा की निगरानी में सफलतापूर्वक अंजाम दी गई।
मामले की आगे की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

