नई दिल्ली: संगठित साइबर निवेश ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में ₹74 लाख से अधिक की ठगी में शामिल दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से एक संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें म्यूल बैंक अकाउंट, विदेशी हैंडलर, क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शन और जांच से बचने के लिए उन्नत डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
आदित्य गौतम, डीसीपी क्राइम ब्रांच, दिल्ली ने कहा, “ये मामले साइबर ठगी नेटवर्क की बढ़ती जटिलता को दर्शाते हैं। नागरिकों को व्हाट्सएप, टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले निवेश प्रस्तावों से सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना हेल्पलाइन 1930 पर देनी चाहिए।”
मामला 1: ₹27.82 लाख की ठगी में मुख्य आरोपी गिरफ्तार
ई-एफआईआर नंबर 60000395/25 के तहत साइबर सेल, वेस्ट डिस्ट्रिक्ट में मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए स्टॉक ट्रेडिंग, आईपीओ और ओटीसी प्लेटफॉर्म में निवेश का लालच देकर ₹27.82 लाख की ठगी की गई।
जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी निवेश योजनाएं फैलाकर पीड़ितों को कई बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए प्रेरित किया गया। ये बैंक खाते कमीशन पर लिए गए थे और उनसे जुड़े सिम कार्ड्स को एपीके आधारित मैसेज फॉरवर्डिंग ऐप्स के जरिए दूर से संचालित किया जाता था।
तकनीकी साक्ष्य और वित्तीय ट्रेल के आधार पर पुलिस ने आरोपी राहुल त्यागी को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि वह टेलीग्राम के जरिए विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में था और 10–12 बैंक खातों का संचालन करता था। उसे क्रिप्टोकरेंसी (USDT) और बाद में नकद भुगतान मिलता था। उसने इस रैकेट से लगभग ₹14–15 लाख कमाए।
मामला 2: ₹47 लाख की ठगी में म्यूल अकाउंट धारक गिरफ्तार
एक अन्य मामले में साइबर सेल, साउथ ईस्ट दिल्ली ने 36 वर्षीय आरोपी रिंकू को गिरफ्तार किया, जो म्यूल अकाउंट ऑपरेटर के रूप में काम कर रहा था।
शिकायतकर्ता से ₹47 लाख की ठगी की गई थी, जिसमें से ₹31.45 लाख आरोपी के बैंक खाते में जमा हुए। आरोपी ने अपने बैंक खाते से जुड़े सिम कार्ड को सह-आरोपियों को सौंप दिया था, जिसके जरिए पैसे को कई खातों में ट्रांसफर कर ट्रेल छुपाया गया।
तकनीकी जांच और फील्ड वेरिफिकेशन के बाद रिंकू को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
जनता के लिए सलाह:
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे व्हाट्सएप, टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाले निवेश प्रस्तावों से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।

