नई दिल्ली: राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता राघव चड्ढा ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और पार्टी के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि क्या अब संसद में जनता के मुद्दे उठाना अपराध हो गया है।
राघव चड्ढा ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें जब-जब संसद में बोलने का मौका मिला, उन्होंने आम जनता से जुड़े मुद्दे उठाए—ऐसे मुद्दे जो आमतौर पर सदन में चर्चा का विषय नहीं बनते।
उन्होंने कहा, “क्या मैंने कोई गलत किया है? क्या जनता की समस्याओं पर बात करना गुनाह है?”
चड्ढा ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर उनके संसद में बोलने पर रोक लगाने की बात कही है।
उन्होंने बताया कि उन्होंने संसद में एयरपोर्ट पर महंगे खाने, डिलीवरी कर्मियों की समस्याएं, खाने में मिलावट, टोल प्लाजा और बैंक चार्जेस, मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ, टेलीकॉम कंपनियों की नीतियां जैसे कई मुद्दे उठाए।
“इन मुद्दों को उठाने से आम जनता को फायदा हुआ, लेकिन इससे पार्टी को क्या नुकसान हुआ?” उन्होंने सवाल किया।
उन्होंने अपने समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि जनता का समर्थन ही उनकी ताकत है। “मैं आपसे हूं और आपके लिए हूं। आपका साथ मुझे आगे बढ़ने की ताकत देता है,” उन्होंने कहा।
अपने विरोधियों को संदेश देते हुए चड्ढा ने कहा, “मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना। मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।”

