नई दिल्ली, 31 मई: आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने साकेत मेट्रो स्टेशन के निकट सैदुलाजाब क्षेत्र में हुई बिल्डिंग गिरने की घटना को लेकर एमसीडी और दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि जिस इमारत के गिरने से कई लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए, उसके बारे में पहले से शिकायतें दी गई थीं, लेकिन अधिकारियों ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इस घटना को सामान्य भवन दुर्घटना के रूप में पेश किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि तीन मंजिला इमारत पर चौथी और पांचवीं मंजिल का निर्माण कार्य चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उचित संरचनात्मक जांच के अतिरिक्त मंजिलें बनाई जा रही थीं और बेसमेंट व पानी की टंकी के लिए खुदाई भी की जा रही थी, जिससे भवन एक ओर झुक गया था।
उन्होंने दावा किया कि स्थानीय लोगों ने इस खतरे को देखते हुए 21 मार्च को दिल्ली पुलिस और एमसीडी को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि भवन झुक चुका है और किसी भी समय गिर सकता है।
सौरभ भारद्वाज के अनुसार, 21 मार्च को सुबह 11:54 बजे एमसीडी पोर्टल पर शिकायत दर्ज हुई थी, जिसे जूनियर इंजीनियर अमन जैन को सौंपा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उचित कार्रवाई किए इस शिकायत को 4 अप्रैल को बंद कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि जब पुलिस और एमसीडी से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो प्रभावित लोगों ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिका में कहा गया था कि सैदुलाजाब स्थित संबंधित भवन में अवैध निर्माण चल रहा है, इमारत झुक चुकी है और उसके गिरने का खतरा बना हुआ है।
AAP नेता ने आरोप लगाया कि हाई कोर्ट में एमसीडी की ओर से पेश वकील ने कहा कि संबंधित संपत्ति में कोई निर्माण कार्य नहीं चल रहा है और यह केवल मकान मालिक और किरायेदार के बीच निजी विवाद है। इसी आधार पर अदालत ने याचिका का निस्तारण कर दिया।
उन्होंने कहा कि स्थानीय नागरिकों ने पुलिस, एमसीडी, वरिष्ठ अधिकारियों और यहां तक कि हाई कोर्ट तक अपनी बात पहुंचाई, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। भारद्वाज ने सवाल उठाया कि यदि इतनी शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होती, तो आम नागरिक और क्या कर सकता है।
सौरभ भारद्वाज ने एमसीडी कमिश्नर को तत्काल निलंबित करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में अवैध निर्माण के मामलों में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार और मिलीभगत चल रही है तथा कई शिकायतों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जाता है।
उन्होंने कहा कि साकेत हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक विफलता का उदाहरण है। उनके अनुसार, यदि समय रहते शिकायतों पर कार्रवाई की जाती तो लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
AAP नेता ने दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल से दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार वास्तव में गंभीर है तो जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित कर जवाबदेही तय करनी चाहिए।
गौरतलब है कि शनिवार शाम सैदुलाजाब क्षेत्र में स्थित एक व्यावसायिक इमारत ढह गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
इस बीच, एमसीडी ने मामले में कार्रवाई करते हुए भवन विभाग-II के जूनियर इंजीनियर अमन जैन और सहायक अभियंता सुदेश सिंह चौहान को निलंबित कर दिया है। दोनों अधिकारियों पर कर्तव्य में लापरवाही और प्रभावी निगरानी न करने के आरोप लगाए गए हैं।
साकेत बिल्डिंग हादसे को लेकर अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जबकि जांच एजेंसियां दुर्घटना के वास्तविक कारणों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों की जांच कर रही हैं।

