बेंगलुरु, 3 जून: कांग्रेस विधायक दल के नेता डी.के. शिवकुमार ने बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। बेंगलुरु में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
कांग्रेस विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद डी.के. शिवकुमार ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान शिवकुमार ने भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखने, देश की संप्रभुता और अखंडता को बनाए रखने तथा बिना किसी भय, पक्षपात, राग या द्वेष के अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की शपथ ली।
उन्होंने गोपनीयता की शपथ भी ली और कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उनके संज्ञान में आने वाले मामलों को कर्तव्य निर्वहन के लिए आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर किसी के समक्ष प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से प्रकट नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस विधायक दल की ओर से राज्यपाल को सौंपे गए प्रस्ताव के अनुसार मुख्यमंत्री सहित कुल 14 सदस्यीय मंत्रिपरिषद का गठन किया गया है।
डॉ. जी. परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके अलावा के.एच. मुनियप्पा, के.जे. जॉर्ज, एम.बी. पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायरेगौड़ा, प्रियंक खड़गे, यू.टी. खादर, ईश्वर खंड्रे, यतींद्र सिद्धारमैया, बायरथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल ने मंत्री पद की शपथ ग्रहण की।
इस शपथ ग्रहण समारोह के साथ कर्नाटक में नई कांग्रेस सरकार का औपचारिक कार्यकाल शुरू हो गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई मंत्रिपरिषद में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवा चेहरों को भी शामिल किया गया है, जिससे अनुभव और नई पीढ़ी के नेतृत्व के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास किया गया है।
नई सरकार से राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश आकर्षित करने, कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और शहरी विकास को गति देने की अपेक्षा की जा रही है।
शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और उनकी मंत्रिपरिषद राज्य प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों और नीतिगत पहलों पर काम शुरू करने वाले हैं।

