नई दिल्ली, 18 अगस्त: दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के विस्तार और उन्नयन से जुड़े टेंडर में कथित भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के मामले में पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय और चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
अन्य गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव, M/s AN Enterprises के प्रोपराइटर नागेंद्र यादव, M/s Euroteck Environment Pvt. Ltd. के मालिक राजा कुमार कुर्रा और M/s Srijanhar के प्रोपराइटर पंकज वर्मा शामिल हैं।
ACB के अनुसार, यह कार्रवाई FIR संख्या 10/2024 के सिलसिले में की गई है, जो 11 मई 2024 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं 7, 7A, 9 और 13 तथा IPC की धाराओं 420, 409, 418 और 120-B के तहत दर्ज की गई थी। मामला GNCTD के सतर्कता निदेशालय की शिकायत पर दर्ज किया गया था।
ACB का आरोप है कि DJB के STP टेंडर की तकनीकी शर्तों में ऐसे प्रतिबंधात्मक प्रावधान शामिल किए गए, जिनसे M/s Euroteck Environment Pvt. Ltd. को कथित तौर पर अनुचित लाभ मिला और प्रतिस्पर्धा सीमित हुई। जांच में प्रस्तावित पायलट अध्ययन नहीं किए जाने, तकनीक और मीडिया से जुड़ी प्रतिबंधात्मक शर्तें शामिल करने, ट्रीटेड एफ्लुएंट के आवश्यक मानकों को बाहर रखने और तकनीकी विशिष्टताओं में बदलाव के आरोप भी सामने आए हैं।
एजेंसी के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण में निजी व्यक्तियों, कुछ लोक सेवकों और मध्यस्थों के बीच टेंडर की शर्तों, शुद्धिपत्र और अन्य दस्तावेजों के आदान-प्रदान के संकेत मिले। इनमें से कुछ शर्तों को बाद में DJB के STP प्रोजेक्ट के टेंडर नोटिस में शामिल किए जाने का आरोप है।
ACB ने दावा किया कि वित्तीय जांच में M/s Srijanhar और M/s AN Enterprises जैसी मध्यस्थ संस्थाओं के जरिए कथित कमीशन या रिश्वत की रकम के प्रवाह का भी पता चला है। एजेंसी के अनुसार, निजी टेक्नोलॉजी प्रदाता से जुड़ी संस्थाओं से नागेंद्र यादव की फर्म को बड़ी रकम भेजी गई और इसके बाद सरकारी अधिकारियों तथा उनके रिश्तेदारों से जुड़े लेनदेन हुए।
ACB ने आरोप लगाया कि दिल्ली जल बोर्ड के तत्कालीन CEO उदित प्रकाश राय को M/s AN Enterprises से बैंकिंग चैनलों के जरिए उनके और उनके रिश्तेदारों के खातों में ₹1.52 करोड़ की रिश्वत मिली। एजेंसी का दावा है कि इस रकम का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने में किया गया और M/s AN Enterprises को यह धन M/s Euroteck से मिला था।
जांच में राजा कुमार कुर्रा, नागेंद्र यादव और अंकित श्रीवास्तव के बीच STP टेंडर से जुड़ी बैठकों, शर्तों और शुद्धिपत्रों को लेकर कथित संवाद भी सामने आने का दावा किया गया है।
ACB ने कहा कि जांच के दौरान जुटाई गई सामग्री के आधार पर सभी छह आरोपियों से पूछताछ के बाद 18 अगस्त को उन्हें कानून के अनुसार गिरफ्तार किया गया। एजेंसी पूरे मनी ट्रेल और कथित अपराध की आय की आगे जांच कर रही है।

