नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शराब बिक्री से जुड़े सरकारी उपक्रमों के पिछले पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड की व्यापक जांच (क्रॉस-वेरिफिकेशन) के आदेश दिए हैं। यह कदम खातों में अनियमितताओं और संभावित राजस्व हानि की आशंका के बीच उठाया गया है।
हाल ही में सामने आया है कि कुछ स्थानों पर लंबे समय तक खातों का सही तरीके से मिलान (रिकन्सिलिएशन) नहीं किया गया, जिससे वित्तीय गड़बड़ियां और सरकारी खजाने को नुकसान होने की संभावना बनी।

इस स्थिति को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने खातों की सख्त निगरानी, प्रत्येक रिकॉर्ड का व्यवस्थित मिलान और पूरी प्रक्रिया में सत्यापन एवं वैलिडेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर यदि अनियमितता या राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सभी संबंधित संस्थानों और आबकारी विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस पूरी प्रक्रिया की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आदेश जारी होने की तिथि से दो माह के भीतर वित्त विभाग को अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें।

