नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 1995 के हत्या और फिरौती के लिए अपहरण के मामले में दोषी एक फरार अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो पैरोल पर बाहर आने के बाद कई वर्षों से छिपा हुआ था।
डीसीपी क्राइम ब्रांच संजीव यादव के अनुसार, आरोपी की पहचान सलीम खान के रूप में हुई है, जिसे 1995 में एक 13 वर्षीय बच्चे के अपहरण और हत्या के मामले में अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
पुलिस ने बताया कि सलीम खान को पैरोल पर रिहा किया गया था, लेकिन वह वापस जेल नहीं लौटा और फरार हो गया। इसके बाद वह लंबे समय से कानून से बचता रहा।
क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि आरोपी दिल्ली से सटे लोनी इलाके में छिपा हुआ है। इस सूचना के आधार पर एंटी-रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल (ARSC) की टीम ने वहां छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी “सलीम वास्तिक” नाम से फर्जी पहचान बनाकर रह रहा था, ताकि पुलिस से बच सके।
गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस को सूचित कर दिया गया है और आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी इतने लंबे समय तक कैसे फरार रहा और क्या उसे किसी ने मदद पहुंचाई थी।

