नई दिल्ली, 2 जुलाई: दिल्ली सरकार ने राजधानी की बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) का भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
ऊर्जा मंत्री ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि दिल्ली में वर्षों से बढ़ रही रेगुलेटरी एसेट्स (Regulatory Assets) और उनसे जुड़े वित्तीय पहलुओं की निष्पक्ष जांच आवश्यक हो गई है। उनका कहना है कि सीएजी ऑडिट से वास्तविक तथ्यों का पता चलेगा, जवाबदेही तय होगी और बिजली क्षेत्र में आवश्यक संस्थागत सुधारों का मार्ग प्रशस्त होगा।
आशीष सूद ने कहा कि यह ऑडिट बिजली वितरण कंपनियों की कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रबंधन और नियामकीय दायित्वों की निष्पक्ष समीक्षा करेगा। इससे बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी, वित्तीय अनुशासन मजबूत होगा और उपभोक्ताओं का विश्वास भी बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार प्रत्येक बिजली उपभोक्ता और करदाता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य ऐसी बिजली व्यवस्था विकसित करना है जो पारदर्शी, जवाबदेह और जनहित आधारित हो।
ऊर्जा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सीएजी ऑडिट की रिपोर्ट के आधार पर बिजली क्षेत्र में आवश्यक सुधारों को गति मिलेगी तथा उपभोक्ताओं के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

