नई दिल्ली, 12 जुलाई: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली सरकार का ‘मिशन कायाकल्प’ राजधानी में स्कूल शिक्षा के नए युग की नींव रख रहा है। इस अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने, छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आधुनिक शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच X पर साझा किए गए संदेश में कहा कि जब बच्चे अपनी गर्मी की छुट्टियां घर पर बिता रहे थे, तब दिल्ली सरकार स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही थी।
उन्होंने बताया कि हर जिला मजिस्ट्रेट (DM) को दो-दो सरकारी स्कूलों के कायाकल्प की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके तहत स्कूलों में स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल सुविधाएं और अन्य आवश्यक आधारभूत ढांचे को उन्नत किया जा रहा है।
रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र बेहतर, स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई कर सकें।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि POCSO जागरूकता माह के तहत दिल्ली के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के प्रधानाचार्य बच्चों की सुरक्षा से जुड़े चाइल्ड सेफ्टी चेकलिस्ट की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि प्रत्येक छात्र के लिए सुरक्षित और संरक्षित शिक्षण वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार, विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) साझेदारों के सहयोग से स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
इसके अंतर्गत एआई (AI) आधारित स्मार्ट टॉयलेट ब्लॉक, STEM इनोवेशन लैब तथा आधुनिक कंप्यूटर लैब विकसित किए जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को तकनीक आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन कायाकल्प का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को ऐसा शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है जो उनमें आत्मविश्वास, जिज्ञासा और उत्कृष्टता की भावना विकसित करे।
दिल्ली सरकार के अनुसार, यह पहल राजधानी के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और बच्चों के लिए सुरक्षित एवं समावेशी शिक्षण वातावरण तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

