नई दिल्ली, 8 जून: मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के निर्देशों के बाद दिल्ली में अवैध एवं अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और तेज कर दिया गया है। राजस्व विभाग की दैनिक निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार 5 जून से 8 जून 2026 के बीच कुल 452 संपत्तियों का निरीक्षण किया गया, जबकि 8 जून को अकेले 86 स्थलों का निरीक्षण किया गया।
यह अभियान दिल्ली के सभी प्रमुख राजस्व जिलों में चलाया गया, जहां भवन उपविधियों के उल्लंघन, अवैध निर्माण और अन्य नियमों के उल्लंघन की जांच की गई।
रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम जिला में सबसे अधिक 56 स्थलों का निरीक्षण किया गया। इसके बाद दक्षिण जिला (45), उत्तर जिला (37), उत्तर-पश्चिम जिला (34), उत्तर-पूर्व जिला (33) और केंद्रीय जिला (33) का स्थान रहा।
8 जून को सबसे अधिक 24 निरीक्षण पश्चिम जिले में किए गए। इसके अलावा दक्षिण जिले में 20, दक्षिण-पश्चिम जिले में 11, केंद्रीय जिले में 10, उत्तर जिले में 8 और उत्तर-पश्चिम जिले में 5 स्थलों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान विभिन्न जिलों में प्रवर्तन संबंधी कार्रवाई भी की गई। उत्तर जिले में राजस्व अधिकारियों द्वारा नोटिस जारी किए गए। पुरानी दिल्ली, नई दिल्ली, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण, उत्तर-पश्चिम और केंद्रीय जिलों में कथित उल्लंघनों को लेकर शो-कॉज नोटिस जारी किए गए। वहीं पश्चिम जिले में भी नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू की गई।
एक महत्वपूर्ण मामले में सेंट्रल नॉर्थ जिले में चिन्हित एक संपत्ति को भवन उपविधियों के तहत कार्रवाई के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) को भेजा गया।
जिला-वार आंकड़ों के अनुसार:
- उत्तर जिला: 37 निरीक्षण, 8 जून को 8 निरीक्षण, नोटिस जारी।
- पुरानी दिल्ली जिला: 12 निरीक्षण, 5 निरीक्षण, शो-कॉज नोटिस जारी।
- आउटर नॉर्थ जिला: 9 निरीक्षण।
- नई दिल्ली जिला: 14 निरीक्षण, 2 निरीक्षण, शो-कॉज नोटिस जारी।
- दक्षिण-पश्चिम जिला: 28 निरीक्षण, 11 निरीक्षण, शो-कॉज नोटिस जारी।
- दक्षिण-पूर्व जिला: 8 निरीक्षण।
- पूर्वी जिला: 25 निरीक्षण।
- दक्षिण जिला: 45 निरीक्षण, 20 निरीक्षण, शो-कॉज नोटिस जारी।
- उत्तर-पश्चिम जिला: 34 निरीक्षण, 5 निरीक्षण, शो-कॉज नोटिस जारी।
- उत्तर-पूर्व जिला: 33 निरीक्षण।
- सेंट्रल नॉर्थ जिला: 32 निरीक्षण, एक मामला एमसीडी को भेजा गया।
- केंद्रीय जिला: 33 निरीक्षण, 10 निरीक्षण, शो-कॉज नोटिस जारी।
- पश्चिम जिला: 56 निरीक्षण, 24 निरीक्षण, नोटिस जारी।
अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा और अवैध निर्माण, स्वीकृत नक्शों के उल्लंघन तथा भवन नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का उद्देश्य अवैध निर्माण पर रोक लगाना, भवन नियमों का पालन सुनिश्चित करना और राजधानी में सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करना है।

