नई दिल्ली: दिल्ली के भविष्य के लिए केवल ज्यादा निर्माण करने के बजाय एकीकृत, टिकाऊ और चुनौतियों से निपटने में सक्षम शहरी व्यवस्थाएं बनाने पर उपराज्यपाल ने जोर दिया है। भारत-जापान संबंधों पर आयोजित शिखर सम्मेलन में उन्होंने जापानी तकनीक और भारतीय प्रतिभा को शहर की जरूरतों के समाधान से जोड़ने की बात कही।
उपराज्यपाल ने एनडीटीवी वर्ल्ड इंडो-जापान समिट में संबोधन की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में अकी आबे भी उपस्थित थीं।
बेहतर शहरी प्रणाली पर जोर
अपने संदेश में उपराज्यपाल ने अगली पीढ़ी की दिल्ली के लिए स्मार्ट ढंग से निर्माण करने, शहरी व्यवस्थाओं को एकीकृत करने तथा उन्हें टिकाऊ और सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा।
उन्होंने भारत-जापान साझेदारी को भविष्य की साझेदारी बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा जापान के दिवंगत प्रधानमंत्री शिंजो आबे की भूमिका का उल्लेख किया।
जापानी तकनीक और भारतीय प्रतिभा के तालमेल को विश्वस्तरीय समाधानों में बदलने का आह्वान करते हुए उन्होंने विकसित दिल्ली और विकसित भारत के लक्ष्य को रेखांकित किया।

