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दिल्ली के संजय लेक के कायाकल्प की समीक्षा; 5,000 देशी पौधे लगाए जाएंगे, डीजेबी की ट्रीटेड वाटर पाइपलाइन की मरम्मत के निर्देश

नई दिल्ली, 25 जून: दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने बुधवार को पूर्वी दिल्ली स्थित संजय लेक में चल रहे पुनरुद्धार एवं कायाकल्प कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को झील को स्वच्छ, पर्यावरण-अनुकूल और वर्षभर उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के अधिकारियों ने उपराज्यपाल को 52 एकड़ क्षेत्र में फैली संजय लेक तथा उससे सटे 165 एकड़ संरक्षित वन क्षेत्र के चरणबद्ध पुनर्जीवन कार्यक्रम की जानकारी दी।

डल्लूपुरा एसटीपी से ट्रीटेड पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

उपराज्यपाल ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की पाइपलाइन की शीघ्र मरम्मत के निर्देश दिए, ताकि डल्लूपुरा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से शोधित जल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि झील के दीर्घकालिक संरक्षण और जल गुणवत्ता बनाए रखने के लिए शोधित पानी की निरंतर उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

बायो-रिमेडिएशन और आधुनिक तकनीक से होगा कायाकल्प

अधिकारियों ने बताया कि झील में वर्तमान में खरपतवार हटाने, शैवाल (एल्गी) की सफाई तथा जियो-टेक्सटाइल तकनीक से तटबंधों को मजबूत करने का कार्य जारी है।

अगले चरण में ठहरे हुए पानी की निकासी के लिए चैनल विकसित किए जाएंगे, बायो-स्वेल्स लगाए जाएंगे ताकि भूजल पुनर्भरण बढ़े, बायो-रिमेडिएशन किया जाएगा तथा पानी में घुलित ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने के लिए एरेटर और फव्वारे स्थापित किए जाएंगे।

5,000 देशी पौधों का होगा रोपण

संजय लेक और उसके आसपास के वन क्षेत्र की जैव विविधता बढ़ाने के लिए 5,000 देशी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।

इस पहल का उद्देश्य पक्षियों, वन्यजीवों और स्थानीय वनस्पतियों के लिए बेहतर प्राकृतिक आवास तैयार करना तथा क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करना है।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य संजय लेक को उसकी पुरानी पहचान दिलाना और इसे दिल्लीवासियों के लिए स्वच्छ, आकर्षक तथा पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करना है।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल मनोरंजन सुविधाओं को बेहतर बनाएगी, बल्कि भूजल संरक्षण, हरित क्षेत्र विस्तार और दिल्ली की दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता को भी मजबूती प्रदान करेगी।

संजय लेक का पुनरुद्धार राजधानी में जलाशयों के संरक्षण और हरित अवसंरचना को सशक्त बनाने की व्यापक योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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