नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने गुरुवार को अपने पुराने शिक्षण संस्थान जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान “विकसित दिल्ली 2047” का विजन साझा किया।
“रीइमैजिनिंग दिल्ली” विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संधू ने कहा कि JNU लौटना उनके लिए बेहद भावनात्मक और व्यक्तिगत अनुभव रहा, क्योंकि इसी संस्थान ने शासन, पहचान और भारत के भविष्य को लेकर उनके विचारों को आकार दिया।
दिल्ली के उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुसार आधुनिक शहर आर्थिक विकास के इंजन होते हैं और एक आधुनिक दिल्ली दुनिया के सामने भारत के आत्मविश्वास को प्रदर्शित करती है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी को सतत विकास, समावेशी वृद्धि और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ आगे बढ़ना होगा ताकि दिल्ली भविष्य के लिए तैयार एक वैश्विक मॉडल शहर बन सके।
संधू ने वर्ष 2047 तक “विकसित दिल्ली” के निर्माण के लिए पांच प्रमुख स्तंभों का उल्लेख किया: सतत विकास (Sustainability), समावेशन (Inclusion), संस्कृति (Culture), नवाचार (Innovation), संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण (Compassion)।
उन्होंने कहा कि दिल्ली का विकास केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसा मॉडल तैयार होना चाहिए जो मानवीय मूल्यों, सामाजिक समावेशन और तकनीकी प्रगति के बीच संतुलन बनाए।
कार्यक्रम के दौरान शहरी विकास, प्रशासनिक चुनौतियों और भारत के भविष्य के निर्माण में शहरों की भूमिका पर भी चर्चा की गई।

