नई दिल्ली: नरेला थाने में 2016 में दर्ज लूट के एक मामले में अदालत से उद्घोषित अपराधी घोषित दो आरोपियों को दिल्ली पुलिस के बाहरी उत्तरी जिले की एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने पकड़ लिया है। पुलिस के अनुसार, दोनों गिरफ्तारी से बच रहे थे।
आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के छपरौली निवासी जितेंद्र, 35, और दिल्ली के नरेला स्थित पाना पपोशिया निवासी दीपक, 29, के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि दोनों को नरेला थाने में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 392, 411 और 34 के तहत दर्ज एक ही मामले में अदालत ने उद्घोषित अपराधी घोषित किया था।
तकनीकी निगरानी के साथ जमीनी जांच
पुलिस के मुताबिक, AATS की टीम ने दोनों का सुराग लगाने के लिए तकनीकी निगरानी और डिजिटल सूचनाओं के साथ व्यापक मैदानी सत्यापन तथा स्थानीय स्तर पर जुटाई जानकारी का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने जितेंद्र की एक और दीपक की चार पिछली संलिप्तताएं बताई हैं। बयान में उन मामलों के नतीजों की जानकारी नहीं दी गई है।
इन पुलिसकर्मियों ने की कार्रवाई
कार्रवाई बाहरी उत्तरी जिले की AATS के प्रभारी इंस्पेक्टर आनंद कुमार झा के नेतृत्व में एएसआई संदीप, हेड कांस्टेबल अभिषेक खत्री और कांस्टेबल मनीष की टीम ने की।
टीम ने एसीपी ऑपरेशंस दिनेश कुमार की निगरानी और अतिरिक्त डीसीपी-I लोकेश्वरन आर के मार्गदर्शन में काम किया। अभियान उत्तरी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह के निर्देशों के अनुरूप चलाया गया।

