नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 35 साल पुराने हत्या मामले का खुलासा करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे मामले की जानकारी आदित्य गौतम ने दी।
यह मामला 2 अगस्त 1991 का है, जब त्रिलोकपुरी थाना क्षेत्र में एक पीसीआर कॉल के जरिए सूचना मिली थी कि एक महिला और उसके बेटे पर बेरहमी से चाकू से हमला किया गया है। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई, जबकि उसका बेटा गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद बच गया।
घायल बेटे ने हमलावर की पहचान अपने किरायेदार छविलाल वर्मा के रूप में की थी, जो घटना के बाद से लगातार फरार था।
डीसीपी आदित्य गौतम के अनुसार, क्राइम ब्रांच की इंटर-स्टेट सेल ने पिछले छह महीनों से इस मामले पर लगातार काम किया। एसीपी रमेश लांबा और इंस्पेक्टर मनमीत मलिक के नेतृत्व में टीम ने जमीनी स्तर पर जानकारी जुटाई। हेड कांस्टेबल सुनील और सब-इंस्पेक्टर सुनील ने इस ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस टीम आरोपी के गांव भी पहुंची और वहां से अहम सुराग जुटाए। अंततः आरोपी को ट्रैक करते हुए लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले 35 वर्षों से फरार था और इस दौरान कोलकाता, मुंबई और नागपुर जैसे शहरों में अलग-अलग नामों और कामों के जरिए छिपकर रह रहा था। उसने ट्रांसपोर्ट, पेंटिंग, टेलरिंग और मजदूरी जैसे काम किए ताकि पुलिस से बचा रह सके।
पुलिस के अनुसार, आरोपी बेहद सतर्क और चालाक था। वह अपने परिवार से भी सीधे संपर्क नहीं करता था, बल्कि गांव के लोगों के माध्यम से संदेश भेजकर पत्नी से बात करता था। यहां तक कि अपने बच्चों की शादी में भी शामिल नहीं हुआ, ताकि पुलिस की नजर से बच सके।
डीसीपी आदित्य गौतम ने कहा कि “आखिरकार कानून ने उसे पकड़ ही लिया। यह हमारी इंटर-स्टेट सेल की बड़ी सफलता है।”
आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

