नई दिल्ली, 31 मई: शालीमार बाग क्षेत्र में शनिवार को बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों और प्रशासनिक अधिकारियों की भारी तैनाती की गई। सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत करीब 150 निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई की निगरानी के लिए विभिन्न जिलों के डीसीपी, एसीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने बताया कि नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद यह अभियान शुरू किया गया है।
उत्तर-मध्य दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट शैलेंद्र सिंह ने बताया कि संबंधित भूमि का अधिग्रहण वर्ष 1980 में किया गया था और उस समय प्रभावित लोगों को मुआवजा भी दिया गया था।
उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा निवासियों को नोटिस जारी किए गए थे, जिसके खिलाफ कुछ लोग दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन ने सभी दावों और आपत्तियों को आमंत्रित किया। लगभग 157 लोगों ने आवेदन दिए, जिन पर सुनवाई की गई और प्रत्येक मामले में आदेश पारित किए गए।
शैलेंद्र सिंह के अनुसार, किसी भी आवेदक का नाम भूमि के स्वामित्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं पाया गया और सभी को अतिक्रमणकारी माना गया। इसके बाद सभी को नोटिस जारी किए गए और कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
उन्होंने बताया कि 30 मई को दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रशासन के पक्ष में फैसला सुनाया और अतिक्रमण हटाने के लिए लगभग सात सप्ताह का समय दिया। इसके बाद कुछ निवासियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन वहां भी उनकी याचिका खारिज कर दी गई।
प्रशासन के अनुसार, दिल्ली मास्टर प्लान में इस सड़क की चौड़ाई 30 मीटर निर्धारित है। सड़क दोनों ओर पर्याप्त चौड़ी है, लेकिन बीच का हिस्सा अतिक्रमण के कारण संकरा हो गया है, जिससे यातायात और जल निकासी संबंधी समस्याएं पैदा होती हैं।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि मानसून के दौरान इसी हिस्से में जलभराव की गंभीर समस्या सामने आती है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों को समझाने और विकास कार्यों में सहयोग देने का प्रयास किया था, लेकिन अब सार्वजनिक हित में कार्रवाई करना आवश्यक हो गया है।
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई काफी पहले हो जानी चाहिए थी, लेकिन विभिन्न कारणों से इसमें देरी हुई। अब क्षेत्र के विकास, बेहतर यातायात व्यवस्था और जल निकासी सुधार के उद्देश्य से अभियान चलाया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित 30 मीटर चौड़ी सड़क के मार्ग में आने वाले सभी अतिक्रमण हटाए जाने तक यह अभियान जारी रहेगा।

