नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दिल्ली जोनल कार्यालय ने रिहेजा डेवलपर्स लिमिटेड से जुड़े एक बड़े फंड डायवर्जन मामले में ₹1,113.81 करोड़ की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।
अटैच की गई संपत्तियों में N.A. बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड और रियासत पैलेसेस लिमिटेड की अचल संपत्तियां शामिल हैं, जो रिहेजा डेवलपर्स से जुड़ी कंपनियां हैं। इसके अलावा कंपनी के निदेशक नवीन एम. रिहेजा और उनके परिवार के सदस्यों की संपत्तियां भी अटैच की गई हैं।

यह मामला आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज कई एफआईआर पर आधारित है, जो हजारों होमबायर्स की शिकायतों के आधार पर दर्ज की गई थीं, जिन्हें कथित रूप से ठगा गया।
ईडी की जांच में सामने आया है कि रिहेजा डेवलपर्स ने विभिन्न हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के नाम पर करीब 4,600 होमबायर्स से ₹2,425.99 करोड़ जुटाए। हालांकि, इन फंड्स का एक बड़ा हिस्सा कथित तौर पर डायवर्ट कर दिया गया और संबंधित कंपनियों तथा शेल कंपनियों के जटिल नेटवर्क के जरिए इधर-उधर ट्रांसफर किया गया।
डायवर्ट किए गए पैसे का उपयोग निदेशक, उनके परिवार और करीबी सहयोगियों द्वारा नियंत्रित संस्थाओं में किया गया, जिसमें संपत्ति खरीद और निजी खर्च शामिल हैं, जो परियोजनाओं से संबंधित नहीं थे।
27 जून 2025 और 25 अप्रैल 2026 को की गई छापेमारी के दौरान ईडी को कई अहम दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य, करीब ₹15.82 करोड़ की ज्वेलरी और बुलियन तथा लगभग ₹15 लाख की विदेशी मुद्रा बरामद हुई।
ईडी ने कहा कि यह कार्रवाई प्रभावित होमबायर्स और अन्य हितधारकों के हितों की रक्षा और धन की वसूली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। मामले में आगे की जांच जारी है।

