नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) विनियम, 2018 में संशोधन करते हुए पान मसाला के लिए प्लास्टिक-मुक्त पैकेजिंग सामग्री निर्धारित की है। यह संशोधन भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार किया गया है।
खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) संशोधन विनियम, 2026 के तहत 2018 के विनियमों की अनुसूची 4 में पैकेजिंग के लिए सुझाई गई सामग्री की सूची से संबंधित प्रावधान में बदलाव किया गया है। संशोधन के जरिए पान मसाला से संबंधित मौजूदा प्रविष्टि और उससे जुड़े प्रावधानों को प्रतिस्थापित किया गया है।


संशोधित प्रावधान के अनुसार, पान मसाला की पैकेजिंग के लिए कागज, पेपर बोर्ड, सेल्यूलोज या अन्य प्राकृतिक रूप से प्राप्त सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन ऐसी सामग्री किसी भी प्रकार के प्लास्टिक से मुक्त होनी चाहिए। इसमें पॉलीएथिलीन, पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलिएस्टर, पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC), किसी भी सिंथेटिक पॉलिमर, को-पॉलिमर या लैमिनेट को शामिल किया गया है।
संशोधित प्रावधान में यह भी कहा गया है कि पैकेजिंग सामग्री में एल्युमिनियम फॉयल या धातुयुक्त परत नहीं होनी चाहिए।
अधिसूचना के तहत पान मसाला के लिए टिन या कांच के कंटेनर के इस्तेमाल की भी अनुमति दी गई है।
इसके अलावा, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत बनाए गए प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के नियम 4(1) के उपनियम (ग) और (घ) के संबंधित प्रावधान भी लागू होंगे।
राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, इन नियमों को खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) संशोधन विनियम, 2026 कहा जाएगा और ये राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से लागू होंगे।
अंतिम अधिसूचना से पहले खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) संशोधन विनियम, 2026 का मसौदा FSSAI की 28 अप्रैल, 2026 की अधिसूचना के जरिए प्रकाशित किया गया था। इससे प्रभावित होने की संभावना वाले लोगों से राजपत्र की प्रतियां जनता को उपलब्ध कराए जाने की तारीख से 60 दिनों की अवधि समाप्त होने से पहले आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे।
राजपत्र के अनुसार, अधिसूचना की प्रतियां 28 अप्रैल, 2026 को जनता को उपलब्ध कराई गई थीं और अंतिम संशोधन तैयार करने से पहले FSSAI ने मसौदा विनियमों पर प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर विचार किया।
यह अधिसूचना खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 92 की उपधारा (2) के खंड (ङ) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और केंद्र सरकार की पूर्व मंजूरी से जारी की गई है। अधिसूचना पर FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजित पुनहानी के हस्ताक्षर हैं।
अंतिम विनियमों वाला राजपत्र 10 अगस्त, 2026 का है, जबकि FSSAI की अधिसूचना 7 अगस्त, 2026 की है।

