बेंगलुरु, 26 जून: कर्नाटक सरकार ने विशेषज्ञों और अधिकारियों की तकनीकी समिति की सिफारिशों के आधार पर बांदीपुर और नागरहोले टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी को पूर्ण क्षमता के साथ फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के कार्यालय द्वारा जारी मीडिया विज्ञप्ति के अनुसार, सरकार ने तकनीकी समिति की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है। वैज्ञानिक मूल्यांकन के बाद संरक्षित क्षेत्रों की प्रभावी वहन क्षमता (Carrying Capacity) के आधार पर जंगल सफारी को फिर से शुरू करने की अनुमति दी गई है।
समिति ने अपनी सिफारिश में कहा है कि नियंत्रित तरीके से जंगल सफारी का संचालन किया जाए ताकि वन पारिस्थितिकी तंत्र पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इसी आधार पर दोनों टाइगर रिजर्व में पूर्ण स्तर पर सफारी संचालन को हरी झंडी दी गई है।
सरकार ने कहा कि कर्नाटक में पर्यावरण पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और राज्य लंबे समय से सतत पर्यटन मॉडल का पालन करता रहा है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ेंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि राज्य सरकार पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण, स्थानीय समुदायों की आजीविका और पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने वाले जिम्मेदार पर्यावरण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

