नई दिल्ली, 3 जून: दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने राजधानी में अवैध निर्माणों और अनधिकृत संरचनात्मक विस्तारों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए भवन उपनियमों (Building Bylaws) के कड़ाई से पालन पर जोर दिया है। उन्होंने नगर निगम (एमसीडी) को अवैध निर्माणों के खिलाफ समयबद्ध रणनीति बनाकर निर्णायक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उपराज्यपाल ने एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें शहरी प्रशासन को मजबूत बनाने, नागरिक बुनियादी ढांचे में सुधार तथा भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा बढ़ाने के लिए व्यापक कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान संधू ने कहा कि अवैध संरचनात्मक विस्तारों और भवन नियमों के उल्लंघन पर सख्त निगरानी रखी जानी चाहिए, क्योंकि ऐसे निर्माण न केवल शहरी नियोजन को प्रभावित करते हैं बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करते हैं।
उन्होंने एमसीडी को निर्देश दिया कि राजधानी में अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा भवन उपनियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएं।
उपराज्यपाल ने मानसून से पहले प्रमुख नागरिक कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने जलभराव की समस्या को रोकने के लिए वर्षा जल निकासी नालों की समय पर सफाई और डी-सिल्टिंग कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।
इसके अलावा सड़कों और फुटपाथों की मरम्मत कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने धूल प्रदूषण को कम करने के लिए इन परियोजनाओं को प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने शहर में स्वच्छता मानकों को और मजबूत करने के लिए कचरा निस्तारण और सफाई अभियानों को भी तेज करने के निर्देश दिए।
बैठक में जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। विशेष रूप से अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों के लिए प्रधानमंत्री-उदय (PM-UDAY) योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर जोर दिया गया।
सार्वजनिक पार्कों के विकास और पुनर्जीवन के लिए सहभागी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) ढांचे को अंतिम रूप देने पर भी चर्चा हुई।
उपराज्यपाल ने कहा कि ये सभी पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समावेशी विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं और दिल्ली के नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
उन्होंने दोहराया कि दिल्ली प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, सुव्यवस्थित, स्वच्छ और सम्मानजनक जीवन परिवेश उपलब्ध कराना है, जिसके लिए प्रभावी शहरी प्रशासन और नियमों का सख्त अनुपालन आवश्यक है।
बैठक को राजधानी में बेहतर शहरी नियोजन, मजबूत नागरिक सुविधाओं और अवैध निर्माणों पर नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

