नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम के बागडोला स्थित प्राथमिक विद्यालय के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक, नृत्य और कविता पाठ के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में चित्रकला प्रतियोगिता, श्रमदान और पौधारोपण भी किया गया।
एमसीडी के दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र में स्थित इस विद्यालय के कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और अधिकारियों ने भाग लिया। चित्रकला प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
रक्षा लेखा महानियंत्रक अल्का नागिया अरोड़ा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। अतिरिक्त रक्षा लेखा महानियंत्रक वी.के. विजय, दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र के उपायुक्त शशि प्रताप सिंह और उप शिक्षा निदेशक नीरा भी उपस्थित रहे।
आचरण और सोच में भी स्वच्छता पर जोर
छात्रों को संबोधित करते हुए अल्का नागिया अरोड़ा ने कहा कि स्वच्छता केवल आसपास के वातावरण तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसका संबंध लोगों के आचरण और विचारों से भी है।
उन्होंने बच्चों को स्वच्छ परिवेश बनाए रखने के साथ-साथ अपनी सोच और व्यवहार की स्वच्छता पर भी ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित किया। छोटे बच्चों के बीच समय बिताने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होना उनके लिए गर्व की बात होगी।
छात्रों ने अपनी प्रस्तुतियों में स्वच्छता के विषय को अलग-अलग माध्यमों से सामने रखा। चित्रकला प्रतियोगिता ने भी उन्हें अभियान से जुड़ने और अपने विचार व्यक्त करने का अवसर दिया।
पोचनपुर और पालम में निगम श्री विद्यालय
कार्यक्रम में उपायुक्त शशि प्रताप सिंह ने बताया कि दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र में ‘स्वच्छता ही सेवा’ और ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान के तहत सफाई तथा जनजागरूकता से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
उन्होंने निगम की शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। सिंह ने कहा कि दिल्ली नगर निगम ने सीएम श्री विद्यालयों की तर्ज पर निगम श्री विद्यालय शुरू किए हैं।
दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र के पोचनपुर और पालम में दो निगम श्री विद्यालय आरम्भ किए गए हैं, उन्होंने बताया।
सिंह ने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि उन्हें उचित शिक्षा और अच्छे संस्कार देना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और मूल्यों का यह आधार बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनने और देश की प्रगति में योगदान देने में मदद करेगा।
छात्रों और अतिथियों ने ली स्वच्छता की शपथ
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और चित्रकला प्रतियोगिता के साथ कार्यक्रम में श्रमदान तथा पौधारोपण भी किया गया।
छात्रों, शिक्षकों और अतिथियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। उपस्थित छात्रों और गणमान्य अतिथियों ने स्वच्छता की शपथ भी ली।
कार्यक्रम में जागरूकता गतिविधियों को सामुदायिक कार्यों में सहभागिता के साथ जोड़ा गया, जिससे विद्यालय के बच्चों को ‘स्वच्छता ही सेवा’ के संदेश को रचनात्मक प्रस्तुतियों और श्रमदान, दोनों माध्यमों से अपनाने का अवसर मिला।

