नई दिल्ली, 2 जुलाई: एक ओर उत्तर भारत के कई हिस्से भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर देश के कई राज्यों में मानसून ने तबाही मचा दी है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र और गुजरात सहित कई राज्यों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। अनेक स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जबकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
सबसे गंभीर स्थिति जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में देखने को मिली, जहां भारी बारिश के बाद अचानक नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया। तेज बहाव अपने साथ बड़े-बड़े पत्थर, चट्टानें और मलबा बहाकर लाया, जिससे कई सड़कें बंद हो गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, क्योंकि अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ है।
स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग पूरी तरह अलर्ट पर हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
महाराष्ट्र और गुजरात में भी लगातार बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। मुंबई और ठाणे में कई इलाकों में भारी जलभराव के कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ, जबकि गुजरात के जूनागढ़, छोटा उदयपुर और अमरेली जिलों में निचले इलाकों में पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई स्थानों पर बारिश का पानी घरों में घुस गया, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई और दैनिक जीवन प्रभावित हुआ।
वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लंबे इंतजार के बाद मानसून की पहली अच्छी बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया।
हालांकि, दिल्ली में भी कई इलाकों में जलनिकासी व्यवस्था की कमजोरियां सामने आईं। सड़कों पर पानी भरने से कई जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही और कार्यालय आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद अधिकांश लोगों ने बारिश का स्वागत किया क्योंकि पिछले कई दिनों से उमस और गर्मी असहनीय हो गई थी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में भी देश के विभिन्न हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है, जबकि पश्चिमी और उत्तरी भारत के कई इलाकों में कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा हो सकती है।
मौसम विभाग ने विभिन्न राज्यों के लिए येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किए हैं। रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा की आशंका जताई गई है, जबकि ऑरेंज और येलो अलर्ट वाले इलाकों में भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान केवल आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें और स्थानीय प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
देशभर में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही आपदा प्रबंधन एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

