नई दिल्ली, 31 मई: शालीमार बाग के हैदरपुर शालीमार गांव में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान में प्रशासन को बड़ी प्रगति मिली है। जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) शैलेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि पहले दिन की कार्रवाई में लगभग 50 से 60 प्रतिशत अतिक्रमित संपत्तियों को हटाया जा चुका है और अभियान व्यवस्थित तरीके से जारी रहेगा।
यह कार्रवाई उस सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए की जा रही है, जिसके तहत मास्टर प्लान के अनुरूप सड़क की चौड़ाई 30 मीटर की जानी है। इससे क्षेत्र में लंबे समय से बनी यातायात समस्या और जलभराव जैसी दिक्कतों के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।
डीएम शैलेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि रविवार को हैदरपुर शालीमार गांव में विध्वंस अभियान शुरू किया गया। इस दौरान दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
उन्होंने कहा, “आज हमने हैदरपुर शालीमार गांव में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की। जिन संपत्तियों पर कार्रवाई की जानी थी, उनमें से लगभग 50 से 60 प्रतिशत को हटा दिया गया है। सभी विभागों के सहयोग से यह कार्रवाई शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से की जा रही है।”
डीएम ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी चिन्हित अतिक्रमण पूरी तरह नहीं हटाए जाते, तब तक अभियान जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना है। सड़क चौड़ीकरण परियोजना पूरी होने के बाद यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और मानसून के दौरान जलभराव की समस्या भी काफी हद तक कम होगी।
परिहार ने बताया कि अतिक्रमण हटाने का कार्य पूरा होते ही सड़क चौड़ीकरण का काम तत्काल शुरू कर दिया जाएगा।
“हमारा लक्ष्य सड़क को 30 मीटर चौड़ा करना है। जैसे ही ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी होगी, सड़क निर्माण और चौड़ीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा,” उन्होंने कहा।
प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि का अधिग्रहण वर्षों पहले किया जा चुका था और सभी प्रभावित पक्षों को कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किए गए थे। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से प्रशासन के पक्ष में आदेश मिलने के बाद ही यह कार्रवाई शुरू की गई है।
पूरे अभियान के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।
अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में शेष अतिक्रमण भी हटाए जाएंगे, जिसके बाद उत्तर-पश्चिम दिल्ली की इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा।

