दिल्ली मेट्रो और रेल सेवाओं पर पूरी रोक नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने नियंत्रित संचालन और नई एडवाइजरी को कहा

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 9 अक्टूबर को कहा कि दिल्ली मेट्रो सेवाओं के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं होना चाहिए। प्रस्तावित प्रदर्शनों से जुड़े प्रतिबंधों के बीच अदालत ने जरूरी मेट्रो और रेल सेवाओं को उपयुक्त, नियंत्रित तरीके से चलाने की बात कही।

अदालत ने सॉलिसिटर जनरल का यह आश्वासन दर्ज किया कि अधिकारी प्रतिबंधों पर दोबारा विचार करेंगे। नई परिवहन व्यवस्था और ट्रैफिक एडवाइजरी का व्यापक प्रचार करने को भी कहा गया है। डीएमआरसी, संबंधित रेलवे अधिकारियों और दिल्ली पुलिस (ट्रैफिक) को चार दिन में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी है।

9 अक्टूबर के आदेश में क्या है

चार पन्नों का अदालत का आदेश सार्वजनिक परिवहन पर पूरी रोक और उसके नियंत्रित संचालन में अंतर करता है। इसके अनुसार, दिल्ली के निवासियों और आम लोगों को असुविधा से बचाते हुए तथा आनुपातिकता के सिद्धांत का पालन करते हुए मेट्रो और रेल सेवाओं के उपयुक्त संचालन पर विवेकपूर्ण फैसला लिया जा सकता है।

यह आदेश मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने दिया। कार्यवाही में एम.ए. बेबी की सिविल रिट याचिका, डायरी संख्या 63560/2026, और संबंधित आपराधिक रिट याचिका, डायरी संख्या 63544/2026, शामिल थीं।

पीठ ने डीएमआरसी और जोनल रेलवे से संबंधित पुलिस के पत्रों पर विचार किया। आदेश में नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर रेल सेवाओं को प्रभावित करने वाले प्रस्तावित प्रतिबंधों, 57 मेट्रो स्टेशनों से गुजरने वाली ट्रेनों की आवृत्ति घटाने और 9 अक्टूबर रात 9 बजे से स्थिति सामान्य होने तक उनके प्रवेश और निकास द्वार बंद रखने का उल्लेख है।

अदालत ने जरूरी सार्वजनिक परिवहन पर पूरी रोक लगाने वाले प्रतिबंधों को जरूरत से ज्यादा व्यापक माना। उसने नई व्यवस्था का व्यापक प्रचार और अखबारों तथा ऑनलाइन मंचों पर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी करने को कहा, ताकि यात्रियों को स्पष्ट जानकारी मिले।

परिवहन का आदेश प्रदर्शन की अनुमति से अलग

परिवहन प्रतिबंधों का विरोध करने वाले वकीलों ने अदालत को बताया कि वे प्रस्तावित प्रदर्शनकारियों या आयोजकों का प्रतिनिधित्व नहीं करते। आदेश के अनुसार, आयोजकों की ओर से कोई याचिका पीठ के सामने दाखिल नहीं हुई थी। इसलिए इस आदेश को जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर के प्रदर्शन की अनुमति नहीं समझा जाना चाहिए।

शांतिपूर्ण और कानूनसम्मत प्रदर्शनों के लिए बुनियादी सुविधाओं वाले उपयुक्त वैकल्पिक स्थान चिन्हित और निर्धारित करने के सुझाव पर सक्षम प्राधिकारी को विचार करने को कहा गया है। इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि कोई नया स्थान पहले ही आवंटित कर दिया गया है।

दिल्ली पुलिस ने अलग से 10 अक्टूबर के जंतर-मंतर प्रदर्शन की अनुमति खारिज की है। यह खबर हमारी 57 मेट्रो स्टेशनों की पुरानी एडवाइजरी और 10 अक्टूबर के ट्रैफिक डायवर्जन पर आगे की जानकारी देती है। यात्रा से पहले नई संचालन संबंधी एडवाइजरी देखें।

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