नई दिल्ली: राजधानी में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के पालन को सख्ती से लागू करने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा सुधार लागू किया है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में अब ट्रैफिक चालान का निपटारा 45 दिनों के भीतर करना अनिवार्य कर दिया गया है।
इस नए सिस्टम का उद्देश्य ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
क्या हैं नए नियम?
- 45 दिनों की समयसीमा: हर ट्रैफिक चालान का निपटारा 45 दिनों के भीतर करना जरूरी
- ऑटो-स्वीकृति नियम: तय समय में चालान को चुनौती नहीं देने पर इसे स्वतः स्वीकार माना जाएगा
- पहले ऑनलाइन चुनौती: कोर्ट जाने से पहले चालान को ऑनलाइन चुनौती देना अनिवार्य
- सेवाओं पर असर: समय पर भुगतान न करने पर DL/RC से जुड़ी सेवाएं अस्थायी रूप से रोकी जा सकती हैं
- बार-बार उल्लंघन पर कार्रवाई: एक वर्ष में 5 बार नियम तोड़ने पर DL सस्पेंड किया जा सकता है
- कोर्ट के लिए शर्त: कोर्ट में अपील के लिए 50% जुर्माना जमा करना जरूरी
डिजिटल और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम
सरकार ने इस पहल के जरिए ट्रैफिक सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट बनाने पर जोर दिया है। अब नागरिक आसानी से ऑनलाइन माध्यम से चालान की जानकारी, भुगतान और चुनौती की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
सुरक्षा सर्वोपरि
सरकार का स्पष्ट संदेश है — “सड़क पर आपकी सुरक्षा सर्वोपरि है”।
इन नए नियमों के जरिए न सिर्फ ट्रैफिक अनुशासन को मजबूत किया जाएगा, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।
तेजी से बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बीच यह 45-दिन का नियम नागरिकों को समय पर कार्रवाई के लिए प्रेरित करेगा और नियमों की अनदेखी पर सख्त संदेश देगा।

