फोटो: राज निवास दिल्ली/X
नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने कहा कि यमुना का पुनर्जीवन पर्यावरणीय और सांस्कृतिक जिम्मेदारी है, जिसके लिए निरंतर जनभागीदारी जरूरी है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में आयोजित 17वें नदी उत्सव को संबोधित करते हुए सक्सेना ने कहा कि नदियां सभ्यतागत स्मृति को संजोती हैं। उन्होंने पंजाब को पांच नदियों की धरती के रूप में भी उल्लेखित किया।
उपराज्यपाल के आधिकारिक X अकाउंट पर साझा पोस्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि केवल सरकारें नदियों को पुनर्जीवित नहीं कर सकतीं और इसके लिए सरकारी एजेंसियों, संस्थानों, नागरिक संगठनों और आम लोगों के सहयोग की जरूरत है।
पोस्ट में यमुना को दिल्ली की सांस्कृतिक और धार्मिक स्मृति से जुड़ा बताया गया है। इसमें किसी नई पुनर्जीवन परियोजना, धनराशि या कार्यान्वयन समयसीमा की घोषणा नहीं की गई।

